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पिंजरापोल गौशाला, जयपुर

श्री पिंजरापोल गौशाला, जयपुर एक प्रतिष्ठित एवं ऐतिहासिक गौसेवा संस्थान है, जो वर्ष 1907 से निरंतर गौवंश की सेवा, संरक्षण एवं संवर्धन में समर्पित है। संस्था का प्रधान कार्यालय 903, गंगा माता की गली, गोपाल जी का रास्ता, जयपुर में स्थित है।

संस्था की दो प्रमुख इकाइयाँ हैं—

  1. गौशाला, सांगानेर

  2. गोसदन, डीसा

वर्तमान में संस्था द्वारा 3000 से अधिक गौमाताओं का पालन-पोषण जन-सहयोग से किया जा रहा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य असहाय, वृद्ध, घायल एवं निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय, चिकित्सा सुविधा एवं सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करना है।

हमारी सेवा एवं गतिविधियाँ

गौसेवा एवं संरक्षण

  • गौशाला सांगानेर में लगभग 350 दुधारू गौमाताएँ हैं।

  • प्रतिदिन लगभग 1000 किलोग्राम दूध उत्पादन होता है।

  • एक गौमाता की वार्षिक चारा-दाना सेवा का व्यय लगभग ₹31,000 है।

चिकित्सा एवं देखभाल

  • गौमाताओं के उपचार हेतु संस्था में आधुनिक अस्पताल का निर्माण किया गया है।

  • अनुभवी पशु चिकित्सक एवं सहायक स्टाफ द्वारा बीमार एवं घायल गौमाताओं का उपचार किया जाता है।

  • समय-समय पर टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाता है।

आवास एवं आधारभूत संरचना

  • गौशाला में विशाल गौ-आवास, छायादार विश्राम स्थल एवं पक्के बाड़े निर्मित किए गए हैं।
  • पक्षियों के लिए विशेष पक्षी-घर का निर्माण दानदाताओं के सहयोग से किया गया है।
  • गौशाला परिसर में बोरवेल एवं पानी की टंकियाँ स्थापित की गई हैं ताकि आपात स्थिति में जलापूर्ति बाधित न हो।

आत्मनिर्भर एवं पर्यावरण-अनुकूल पहल

  • गोबर से खाद (कम्पोस्ट) का निर्माण।

  • गोबर से धूप-बत्ती एवं दीपक निर्माण, जिससे रोजगार सृजन एवं स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा मिलता है।

  • गौशाला सांगानेर में कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें किसान भाग लेते हैं।

धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियाँ

  • गौशाला परिसर में गौमाता मंदिर एवं शिव मंदिर का निर्माण दानदाताओं के सहयोग से किया गया है।

  • समय-समय पर शिव अभिषेक, धार्मिक अनुष्ठान एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।

  • जन-सहयोग से दुर्घटना सहायता हॉल (लालसा हॉल) का निर्माण किया गया है, जिसका उपयोग धार्मिक व सामाजिक आयोजनों हेतु किया जाता है।

सम्मान एवं मान्यता

  • श्री पिंजरापोल गौशाला को वर्ष 2017 में जयपुर जिले की “सर्वश्रेष्ठ गौशाला” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

  • संस्था देवस्थान विभाग, भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड से पंजीकृत है।

  • दानदाताओं को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80-G के अंतर्गत कर-छूट उपलब्ध है।

  • संस्था कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के अंतर्गत CSR दान स्वीकार करती है।

हमारा संकल्प

गौशाला का निरंतर सौंदर्यकरण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, पक्की सड़कों का निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था एवं वृक्षारोपण जैसे अनेक विकास कार्य दानदाताओं एवं समाज के सहयोग से किए जा रहे हैं।

प्रभु हमें इस पुण्य कार्य में सहभागी बनने की प्रेरणा और सामर्थ्य प्रदान करें।